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Friday, 22 November 2013

असुविधा....: देवयानी भारद्वाज की नई कविताएँ

असुविधा....: देवयानी भारद्वाज की नई कविताएँ
सुन्दर कवितायेँ !

अनुपमा तिवाड़ी
Posted by Anupam at 06:58 No comments:
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Friday, 15 February 2013

शब्दांकन #Shabdankan: दो कवितायेँ - अनुपमा तिवाड़ी

शब्दांकन #Shabdankan: दो कवितायेँ - अनुपमा तिवाड़ी
Posted by Anupam at 03:26 No comments:
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Vinod Sharma
मैं विनोद शर्मा राजस्थान के अलवर जिले में पला बड़ा और अलवर में ही शिक्षा दीक्षा हुई। स्नातक करते हुए ही कुछ काम करने के अवसर मिले और उन्हें खोना मैंने मुनासिब नहीं समझा। इसी दौरान अलवर में बोध शिक्षा समिति द्वारा शिक्षा से सम्बंधित कार्य करने के लिए एक परियोजना की शुरुआत की गई। यह सफर शुरू हुआ तो करीब चार वर्षों तक चला। इस दौरान ऐसे बच्चो के साथ काम करने के अवसर मिले जो दीन दुनिया से बिलकुल कटे हुए थे जहा ना बिजली थी न ही कोई संचार या यातायात की सुविधा। कभी कोई वहाँ आता तो उनके लिए अजूबे से कम न होता था। वहा रहते हुए जिंदगी ने काफी कुछ सिखा दिया था। खैर हम उससे ज्यादा वहा नही रह पाए क्योंकि हमे बार बार ये लगाने लगा था कि कुछ अपने आगे का भी सोचना होगा और साथ ही यह भी कि यहा जो सीखा है उसे और लोगो तक बांटने का कोई अवसर तलाशना चाहिए। इसी सोच के साथ जनवरी 2004 मे जिला मुख्यालय पर रहकर काम करने के लिए एक संस्था मे काम मिल भी गया। यह संस्था (इब्तिदा)मेवात मे बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है। यहा बालिका शिक्षा कार्यक्रम मे मुझे अकादमिक सहयोग कि ज़िम्मेदारी सौप दी गई मई अब बहुत खुश था पर पिछले दिन कभी नही भूल सकता था। यहा अधिक काम शिक्षको के साथ रहता था पर मै मौके निकालकर बच्चो के साथ कम करता ही रहता था।
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